• अब हर ट्रेन में होंगे 'गरीब रथ' जैसे कोच, जानें क्या मिलोंगी सुविधाएं

  • मेल, एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में स्लीपर, फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी के एसी कोच होते हैं. भारतीय रेल की प्रतिष्ठित राजधानी, शताब्दी और हमसफर जैसी ट्रेनें फुल एसी होती हैं.

    अब तक भारत में रेल यात्री सबसे कम खर्च में गरीब रथ ट्रेनों में ही एसी का आनंद ले पाते हैं, लेकिन अब इससे मिलती जुलती सुविधाओं वाले कोच लगभग सभी एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में लगाए जा सकते हैं. यानी यात्रियों को कम खर्चे में एसी कोच में यात्रा करने के लिए गरीब रथ पर निर्भर नहीं रहना होगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाल से कहा है कि जल्द ही ट्रेनों में 'इकोनॉमी एसी क्लास' (Economy AC class) सेवा शुरू की जाएगी. इस कोच में यात्रा करने के लिए यात्रियों को एसी3 कोच से भी कम किराया देना पड़ेगा. फिलहाल मेल, एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में स्लीपर, फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी के एसी कोच होते हैं. भारतीय रेल की प्रतिष्ठित राजधानी, शताब्दी और हमसफर जैसी ट्रेनें फुल एसी होती हैं.

    ये होंगी इकोनॉमी एसी क्लास की 5 खूबियां

    1. 'इकोनॉमी एसी क्लास' में पैसेंजर्स को कंबल की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उसका टेंपरेचर 24-25 डिग्री सेल्सियस होगा.
    2. इकोनॉमी एसी क्लास के कोचों में ऑटोमेटिक दरवाजे भी होंगे। हालांकि इस फीचर को दूसरे एसी कोचों में भी शुरू करने की योजना है.
    3. 'इकोनॉमी एसी क्लास' कैटरिंग की सुविधा सामान्य ट्रेनों की तरह ही उपलब्ध होंगे, हालांकि सीट चौड़ाई की लेकर अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है.

    रेलवे के अधिकारी हवाले से बताया जा रहा है कि इस सेवा को शुरुआत में कुछ रूटों पर शुरू किया जाएगा. इसके फायदे मिलने पर इसका विस्तार किया जाएगा. मालूम हो यूपीए फर्स्ट के कार्यकाल में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीब रथ ट्रेनें शुरू की थीं. इसका किराया सामान्य एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के एसी3 कोच से काफी कम है. हालांकि गरीब रथ में सीट की चौड़ाई थोड़ी कम होती है और इसमें कंबल, तकिया और बेडसीट के लिए अलग से किराया देना होता है.

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