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Thoughts of Syria Childs in Painting - Painting By Les than 14 Year of Syria Childs
  • शायद मर कर ही खेलना नसीब हो

  • ये तस्वीरें सीरिया के 14 साल से कम उम्र के बच्चों ने बनाई हैं. उन्होंने सीरियाई युद्ध को अपने-अपने नज़रिए से दर्शाया है.

    इस तस्वीर के कई हिस्से हैं. ‘असद एयर फ़ोर्स’, ‘एंबुलेंस’, ‘ख़ान शेख़ाउन के बच्चे’ और ‘बच्चों का खून’. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का कहना है कि ख़ान शेख़ाउन शहर में हुए रासायनिक हमले के पीछे सीरियाई सरकार का हाथ था. इस हमले में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें बच्चों की संख्या भी काफी थी.


    एक तस्वीर में रोती हुई आंख है. जिसमें लिखा है ‘बेला सीरिया’.


    इस तस्वीर में एक इमारत पर हुए हवाई हमले को दिखाया गया है. मशीन गन दागने वाले सैनिक के ऊपर लिखा गया है कि ये विरोध को रोकने वाली आर्मी है - जिसके लिए राष्ट्र, सम्मान और वफादारी ही सबकुछ है.

     

     


    बेहद नाउम्मीद नज़र आने वाले एक बच्चे ने लिखा है ‘यह सीरिया है’


    युद्ध की स्थिति के चलते आधी से अधिक सीरियाई जनता विस्थापित हो चुकी है.

     

    ‘मेरा देश’ 2011 से अब तक करीब एक लाख से ज्यादा सीरियाई या तो गिरफ़्तार हो गए या फिर लापता हो गए.


    इस तस्वीर में एक बच्चे ने अपने भाई-बहनों के नाम लिखकर उन्हें याद किया है. साथ ही पिंजर के माध्यम से युद्ध की स्थिति को बयां किया गया है. बच्चे ने लिखा है कि मेरे पिता साल 2010 में...मेरे पिता 2011 में...मेरे पिता 2014 में.

     

    14 साल के मइय्यासार ने इस तस्वीर में अपनी और अपनी बहन की तस्वीर बनाई है. मइय्यासार लिखते हैं दो साल पहले हमारे पिता हमें छोड़कर चले गए. हमें उनके बारे में कुछ भी नहीं पता है. ये मेरी अब तक की सबसे बुरी याद है.

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